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रामनगरः बस बनी काल 06 को रौंदा 02 की मौत

उत्तराखंड

रामनगरः बस बनी काल 06 को रौंदा 02 की मौत

रामनगरः बस बनी काल 06 को रौंदा 02 की मौत

रामनगर बस हादसा : दो शिक्षकों की मौत, चार गंभीर घायल

नैनीताल (रामनगर बस हादसा) – उत्तराखंड के नैनीताल जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। रामनगर से करीब 22 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर धनगढ़ी नाले के पास एक तेज रफ्तार बस ने सड़क किनारे खड़े छह लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में दोनों शिक्षक थे, जो रोजाना की तरह पढ़ाने के लिए स्कूल जा रहे थे।


रामनगर बस हादसा कैसे हुआ?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय बरसाती नाले का जलस्तर अधिक होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं। लोग पानी का स्तर कम होने का इंतजार कर रहे थे। इन्हीं में छह लोग सड़क किनारे खड़े थे। अचानक पीछे से आई तेज रफ्तार बस ने संतुलन खोते हुए उन्हें कुचल दिया। प्रारंभिक जांच में बस के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद ही असली कारण पता चलेगा।

Ramnagar Hadsa : 2 Dead, 4 Injured in Shocking Bus Accident In Dhangadhi Nala

मृतकों की पहचान

इस रामनगर बस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों शिक्षक थे —

  • सुरेंद्र सिंह पंवार (53), निवासी गंगोत्री विहार कनियां रामनगर, हरणा में शिक्षक के रूप में कार्यरत।
  • वीरेंद्र शर्मा (42), निवासी मानिला विहार चोरपानी, रामनगर, हरणा में शिक्षक पद पर तैनात।

दोनों शिक्षक रोज की तरह अपने घर से हरणा सल्ट पढ़ाने के लिए जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा हो गया।


घायल और उनका उपचार

इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें तीन शिक्षक बताए जा रहे हैं:

  • ललित पांडे – मोहान स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्यूटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IMPCL) में तैनात।
  • सत्य प्रकाश – निवासी जसपुर।
  • दीपक शाह – निवासी मालधन।
  • सुनील राज – पौड़ी गढ़वाल व अल्मोड़ा क्षेत्र में शिक्षक।

स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायलों को रामनगर संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

रामनगर बस हादसे मे घायल

प्रशासनिक कार्रवाई

हादसे की सूचना पर प्रशासनिक टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार मनीषा मारखान ने बताया कि मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता दी जाएगी और हादसे की पूरी जांच की जाएगी।


स्थानीय लोगों में आक्रोश

धनगढ़ी नाले के पास हर बरसात में पानी का स्तर बढ़ने से यात्रियों और राहगीरों के लिए खतरा पैदा हो जाता है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। मृतकों के घरों में मातम का माहौल है, जबकि घायलों के परिजन अस्पताल में उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।


निष्कर्ष

यह बस हादसा न सिर्फ सड़क सुरक्षा की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि प्रशासन के सामने बरसात में बढ़ते जलस्तर से जुड़ी चुनौतियों को भी रखता है। जरूरत है कि समय रहते ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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