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गला रेतकर निर्मम हत्या के मामले में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा होना तय : कुसुम कण्डवाल

उत्तराखंड

गला रेतकर निर्मम हत्या के मामले में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा होना तय : कुसुम कण्डवाल

गला रेतकर निर्मम हत्या के मामले में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा होना तय : कुसुम कण्डवाल

गला रेतकर निर्मम हत्या के मामले में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा होना तय : कुसुम कण्डवाल

 

इस प्रकार की निर्मम व निन्दापुर्ण घटना को अंजाम देने वालो के विरुद्ध होगी कठोरतम कार्रवाई, आरोपी किसी भी हाल में बक्शा नही जायेगा : कुसुम कण्डवाल

 

हरिद्वार : हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र में कल दिनाँक 07 जुलाई 2025 को एक 28 साल के युवक ने दिनदहाड़े 22 साल की युवती की गला रेतकर निर्मम हत्या के मामले में उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद निन्दापुर्ण घटना है। इस प्रकार के आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी सजा होनी तय है। आरोपी कोई भी हो आज कानून बहुत सख्त है और प्रशासन व सरकार पूरी तरह आरोपियों को सबक सिखाने के लिए पूरी तत्परता से काम कर रहे है।

 

उन्होंने मामले में एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल से फोन पर वार्ता करी और कहा कि देवभूमि का माहौल खराब करने वाले ऐसे जघन्य अपराधी के विरुद्ध जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए। जिस पर एसएसपी डोभाल ने बताया की प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका व आरोपी दोनों ही उत्तरप्रदेश के सीतापुर के निवासी है। आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों एक दूसरे के साथ पहले लिव इन मे रहते थे, आरोपी को मृतका पर शक था की वह किसी और के साथ सम्पर्क में है जिसमे दोनों की लड़ाई हुई और उसने घटना को अंजाम दिया है।

 

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने इस प्रकार के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर की है, उन्होंने कहा कि आज यह घटनाएं आ जैसी हो रही है इसका सबसे बड़ा कारण है परिवारों में संस्कारों का न होना… उन्होने कहा कि वो मानती है की अपराध किसी मे भी जन्म ले सकता है परंतु परिवार के बुजुर्गों व माता पिता ने अपने घर के सदस्यों को अच्छे संस्कार दिए है तो वह आपराधिक मानसिकता से दूर रहता है साथ ही उसमें समाज मे परिवार की इज्जत का भय बना रहता है।

 

उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि इन बढ़ती घटनाओं के मामले आज के आधुनिक समय में माता पिता की जिम्मेदारी बनती है कि अगर बच्चे बाहर रह कर नौकरी या पढ़ाई कर रहे है तो उनकी निगरानी अवश्य करें साथ ही उनसे उनके सम्बन्धी मित्रों आदि की जानकारी भी लेते रहे। ताकि उनके सही गलत की जानकारी परिवार को मिलती रहे।

 

उन्होंने कहा यह निर्मम घटना जितनी निन्दापुर्ण है उतनी ही चिंताजनक भी है क्योंकि ऐसे मामले समाज का माहौल खराब करने का काम करते है। एक और किसी की बेटी या बेटा खोता है वहीं दूसरी और समाज के अनेक लोगों पर इसका बुरा प्रभाव भी पड़ता है इसी लिए आवश्यक है कि परिवारों को अपने बच्चों की दिनचर्या पर विशेष निगरानी की आवश्यकता है।

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