उत्तराखंड

सी0एम0धामी ने दिेये निर्देश स्वास्थ्य सेवायें अलर्ट मोड पर, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की संयुक्त टीम गठित

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उत्तरकाशी में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते उत्पन्न हुई आपदा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश के बाद सचिव स्वास्थ्य डॉ. राजेश कुमार के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक विशेष डॉक्टरों की टीम गठित की है, जिसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।

इस टीम में विभिन्न विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे। जानकारी के अनुसार, डॉ.आर एस बिष्ट, डॉ. सुमित, डॉ. गुलशेर, डॉ. अमित और डॉ. वैभव को टीम में शामिल किया गया है। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. चंद्रशेखर, डॉ. मानवेंद्र रावत, डॉ. निशांत और डॉ. अभिषेक को टीम का हिस्सा बनाया गया है, ताकि आपदा के दौरान हड्डी और मांसपेशियों से जुड़ी गंभीर चोटों का प्रभावी उपचार किया जा सके।

इसके अतिरिक्त, फिजिशियन डॉ. अरुण पांडे और डॉ. आदित्य को भी टीम में जोड़ा गया है ताकि सामान्य बीमारियों, संक्रमण और अन्य आपातकालीन स्थितियों से निपटा जा सके। यह टीम उत्तरकाशी क्षेत्र में आपदा राहत कार्यों के दौरान चिकित्सा सेवाएं देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी डॉक्टरों को आवश्यक उपकरण, दवाइयाँ और एम्बुलेंस सुविधा के साथ भेजा जाएगा। साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति में अतिरिक्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी तत्काल रवाना करने की योजना तैयार है।स्वास्थ्य विभाग की यह पहल उत्तरकाशी में राहत और पुनर्वास कार्यों को मजबूती देने के साथ-साथ लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य महानिदेशालय ने भी आपदा राहत कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से डॉक्टरों की एक विशेष टीम को उत्तरकाशी रवाना करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने आदेश जारी करते हुए पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों को तुरंत उत्तरकाशी पहुंचने के निर्देश दिए हैं। यह टीम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में घायल लोगों को समय रहते चिकित्सा सहायता देने का कार्य करेगी। टीम में डॉ. लोकेश सलूजा (जनरल सर्जन), डॉ. अरविंद सिंह राणा (ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. कैसे भंडारी (ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. अभिषेक नौटियाल (निश्चेतक), और डॉ. पीयूष त्रिपाठी (ईएनटी सर्जन) शामिल हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और आपदा प्रभावित इलाकों का लगातार फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी प्रकार की चूक न होने देने के निर्देश दिए हैं।

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