उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदाओं की विभीषिका का जायजा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड पहुंचे..आपदा प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण एवं राहत, बचाव व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की…इसके पहले देहरादून पहुँचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। सीएम ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में उनकी प्रदेशवासियों के बीच उपस्थिति प्रभावितों के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाती है।
दर्द बांटने देवभूमि उत्तराखंड पहुंचे पीएम मोदी

देहरादून, उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम खराब होने की वजह से पीएम मोदी के आपदा प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वे को रद्द करना पड़ा है… जिसके बाद पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर ही हाई लेवल बैठक ली जिसमें मुख्यमंत्री धामी और सभी सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों ने पीएम को विस्तार से अब तक की राहत कार्यवाही का ब्यौरा दिया…
मौसम ने रोकी पीएम मोदी की उड़ान !
वहीँ प्रधानमंत्री ने स्टेट गेस्ट हाउस में एसडीआरएफ एनडीआरएफ और आपदा मित्रों के साथ बैठक की जिसमें करीब 22 आपदा प्रभावित और 57 आपदा वीर भी मौजूद थे जिनके साथ पीएम मोदी ने बात करते हुए उनकी परेशानियों और आपदा की भयावहता को जाना और हर सम्भव भरपूर मदद का भरोसा दिया है…

प्रधानमंत्री ने देहरादून का दौरा किया और उत्तराखंड में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए समीक्षा बैठक की और बाढ़ और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत व्यापक सहायता की घोषणा की , इस दौरान प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की तो वहीँ पीएम मोदी ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों से भी मिले और उनके प्रयासों की सराहना की और केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और पुनर्निर्माण के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया

इसके पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री और मंत्री राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का जनपदों में जाकर गहनता से समीक्षा करेंगे। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण भी करेंगे।इस समीक्षा का उद्देश्य राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की बारीकी से निगरानी करना और समस्त प्रभावित परिसंपत्तियों के नुकसान का व्यापक स्तर पर आकलन करना है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे। इसके अंतर्गत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करना तथा पुनर्वास कार्यों को शीघ्र पूरा करना प्राथमिकता होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की व्यापक समीक्षा की जाएगी ताकि आगामी रणनीतियाँ और नीतिगत निर्णय समयानुसार और प्रभावी ढंग से लिए जा सकें।